जब वह बात की - Hindi Moral Stories - Moral Stories in Hindi - Moral Story in Hindi

                     
जब वह बात की - Hindi Moral Stories


                                     एक दिन एक आदमी लकड़ियाँ लाने के लिए जंगल को गया। उन्होंने एक बड़ा पेड़ का पता लगाया। फिर अपना तेज कुल्हाड़ी को उस पेड़ का शाखा पर चलाया। पेड़ ने कुछ ही देर बाद आंसू बहाते हुए कहा, "हे निसर्ग माता इस बुद्धिहीन आदमी को माफ़ करो और इसकी रक्षा करो। फिर उस आदमी ने जागृत होकर पेड़ के साथ बाते करना शुरु किया। 

जब वह बात की - Hindi Moral Stories

आदमी : हे पेड़, तुम क्यों रो रहे हो? 

पेड़ : आपकी निर्दयी कुल्हाड़ी ने मुझे चोट नहीं पहुंचाई। लेखिन तुम जैसे लोगों का अमानवीयता मुझे चोट पहुँचाते है। मैं उसके लिए रो रहा हूं।

आदमी : यह क्या है? आप क्या बोल रहे हो? मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है?

पेड़ : ये मुर्ख आदमी सुन, आप हमारे पेट में पैदा नहीं हुवा तो भी आप सब हमारे बच्चे है। आप हमारी गोद में खेलते खेलते बड़े हुए एक भोले बच्चे हो। हम आपको सब कुछ देकर आपको पाल रहे है। हम आपको पुकट में हवा और पानी दे रहे है। उसके बाद हम खुद मरके तुम्हारा पेट भर रहे है। लेकिन आप कृतज्ञ नहीं हैं। तुमको हमारा त्याग का एहसास नहीं है। तुम बे फिक्र हो। हमने अपना जान खोकर आपको जीवन दिया है। लेकिन आपने हमें क्या दिया है? केवल दर्द, आँसू और दूषित हवा, बाद में मृत्यु। सिर्फ ईतनाही...!!

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आदमी : हे महामाता, इस पापी को क्षमा करो। आप ईश्वर हैं जिन्होंने उस अंधे की आंखें खोलीं जो बिना कुछ सोचे समजे घोर पाप कर रहा था। 

पेड़ : बच्चा, इतना बड़ा शब्द क्यों ? क्या बच्चा लात मारने से माँ को चोट लगता है? तुम लोग उल्टी सीधी हरकतें करने के बाद भी हम सभी आपसे प्यार करते हैं और आपको माफ करते हैं। सिर्फ हम नहीं, निसर्ग माता भी आपसे बहुत प्यार करती है। इसलिए आप मानव लोग राक्षस का रूप धारण करने के बाद भी सास ले रहे हो। इसलिए प्रकृति पर अत्याचार मत करो। निसर्ग से प्यार करो। शुद्ध वातावरण में शुद्ध हवा के साथ खुश रहो। 

आदमी : माँ, आप कितनी उदार हो। मैं आज से ही निसर्ग को प्यार करता हूँ और प्रकृती माता का पूजा करता हूँ। सपनें में भी इस प्रकृती पर मोहित नहीं हूँगा। मेरी आँखें खोलने के लिए धन्यवाद। मैं अब मेरे इतर भाईयों का आँखे खोलने जा रहा हूँ। मुझे आर्शीवाद करो माँ, मैं आता हूँ। 

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                         दोस्तों प्रकृति से प्यार करो, उसकी रक्षा करो। उसके ऊपर मोहित मत हो। आज, यदि आप प्रकृति का सत्यानाश करते हैं, तो आपको एक दिन मृत्यु के पहले ही नरक देखना होगा। आपको हर जगह ऑक्सीजन टैंक लेके घूमना पड़ेगा। इसलिए अभी जागो, प्रकृति से प्रेम करो, पूजा करो और प्रकृति का संरक्षण करो। 

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जब वह बात की - Hindi Moral Stories - Moral Stories in Hindi - Moral Story in Hindi जब वह बात की - Hindi Moral Stories - Moral Stories in Hindi - Moral Story in Hindi Reviewed by Director Satishkumar on March 02, 2019 Rating: 5
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